जयपुर के जयगढ़ में आज भी दफ़न है बेशकीमती खजाना

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राजस्थान के किलो से जुड़े हुए किस्सो के बारे में तो आप लोगों ने सुना ही होगा, उन्हीं किस्सो में से एक किस्सा है, राजस्थान की राजधानी जयपुर में बने जयगढ़ के किले का। प्राचीन समय से ही जयगढ़ किले में छिपे हुए खजाने का रहस्य आज भी रहस्य ही बना हुआ है। कहा जाता है कि पुराने समय में हुए युद्धो से जीता हुआ सारा खजाना जयगढ़ के किले में ही लाकर छुपाया गया था और आज भी वह खजाना उसी किले में दफ़न है।

अकबर के डर के चलते राजा जयसिंह ने छुपाया था खजाना

दरअसल राजा मानसिंह को डर था कि अकबर के हाथों वह सारा खजाना लूट न लिया जाए जिसके चलते उन्होंने सारा का सारा खजाना अकबर से बचाकर जयगढ़ के क़िले में छिपा दिया। हांलाकि अभी तक इस बारे में कोई पुष्ट जानकारी नहीं मिली है कि मानसिंह का खज़ाना था भी या नहीं? और अगर था तो क्या ये अभी भी जयगढ़ के किले में ही छिपा है? या फिर उसे निकाल लिया गया?

जयगढ़ के खजाने से ही जयपुर रियासत का निर्माण

कहा जाता है की जयगढ़ के खजाने से ही जयपुर रियासत का निर्माण करवाया गया था। जयगढ़ के खजाने के बारे में कहा जाता है कि अकबर के सेनापति और आमेर के महाराजा मानसिंह ने 141 युद्धों में जितना धन लूटा था, उसे यही खजाने में दबा दिया गया। इतना ही नहीं महाराज माधोसिंह के समयकाल में प्रिंस अल्बर्ट को भी जयगढ़ में प्रवेश नही करने दिया गया था।

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जयसिंह और अकबर के बीच हुई थी राजनीतिक संधि

जयगढ़ के किले में आज भी ऐसे प्रमाण मिलते हैं कि किले के तहख़ानों में आज भी अरबों-खरबों का खज़ाना छिपा हुआ है। इतिहास में राजा मान सिंह और अकबर के बीच हुई एक संधि का ज़िक्र आता है। जिसके मुताबिक़ राजा मान सिंह जिस किसी भी इलाके पर जीत हासिल करेंगे वहां अकबर का राज होगा, लेकिन वहां से मिले खज़ाने और संपत्ति पर राजा मान सिंह का हक़ होगा। ऐसा कहा जाता है कि जंग की जीत से मिले पूरे खजाने को राजा मान सिंह ने किले के तहखाने में छुपा कर रखा था।

इंदिरा गाँधी ने भी करवाई थी जयगढ़ के खजाने की खोज

कहते हैं कि देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को जब इस खज़ाने की ख़बर मिली तो उन्होंने इस ख़ज़ाने को ढूंढने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी। तकरीबन छह महीने तक जयगढ़ के किले में छिपे खजाने की खोज की गई। खज़ाने को तलाशने के लिए आर्मी के अलावा अच्छी खासी सरकारी मशीनरी का भी इस्तेमाल हुआ, लेकिन ख़ज़ाना मिला या नहीं इसका पता आज तक किसी को नहीं चला।

कहा जाता है कि आज भी ये बेशकीमती खज़ाना वही दफ़न है और न जाने ये कब निकलेगा…

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