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कहीं बहता है ख़ून का झरना तो कहीं रात भर चमकती है बिजली

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Written by Shweta Singh

हम जिस संसार में विचरण कर रहे हैं वहां सब कुछ सामान्य नहीं है। इस संसार में कई ऐसी जगह या स्थान हैं जो रहस्य बनाये हुए हैं। जैसे बरमूडा ट्रायंगल जिसका सच आज तक किसी को भी समझ नहीं आया है। इसी तरह के कुछ अन्य रहस्यमयी स्थानों के बारे में हम आपको बताना चाहेंगे।

येलो स्टोन नेशनल पार्क,व्योमिंग (ओल्ड फेथफुल)

Old faithful

येलो स्टोन नेशनल पार्क यूनाइटेड स्टेट्स के व्योमिंग राज्य में स्थित है। यहाँ दुनिया के सबसे ज्यादा प्राकृतिक गीज़र मिलते हैं। इस पार्क में लगभग ३०० नेचुरल गीज़र हैं। यहाँ आपको बताते चलें कि प्राकृतिक गीज़र एक तरह का हॉट वाटर स्प्रिंग होता है इसमें पानी ज़मीन के अन्दर से एक फाउंटेन के रूप में निकलता है।

इस पार्क का सबसे फेमस हॉट वाटर स्प्रिंग ओल्ड फेथफुल है । यह विश्व का सबसे बड़ा हॉट वाटर स्प्रिंग है और इसकी ख़ास बात यह है कि इसमें नियमित रूप से विस्फोट होता रहता है जिसका कोई निश्चित क्रम या समय नहीं है। और यही कारण है की भुगर्भविदों के लिए यह आज तक रहस्य बना हुआ है।

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डेथ वैली नेशनल पार्क, कैलिफ़ोर्निया (मूविंग स्टोंस)

कैलिफ़ोर्निया के डेथ वैली नेशनल पार्क में भी कुछ ऐसे पत्थर हैं जो रहस्य का कारण बने हुए हैं। यहाँ तक की नासा के वैज्ञानिको के लिए भी इस पहेली को सुलझाना असंभव सा हो गया। दरअसल डेथ वैली में १६० से भी अधिक पत्थर हैं। जिन्हें मूविंग स्टोंस नाम दिया गया है।

दरअसल इन स्टोंस यानि पत्थरों की ख़ास बात यह है की यह अपने आप खिसकते हैं। हालांकि अभी तक इन पत्थरों को किसी ने अपनी आँखों से उन्हें खिसकते हुए नहीं देखा लेकिन सर्दी के मौसम में यह पत्थर करीब २५० मीटर आगे मिलते हैं। इसका पता तब चला जब ७० के दशक में कुछ वैज्ञानिकों ने एक टीम बनायीं और उन्होंने पत्थरों के एक समूह का नामकरण किया और उन पर लगभग सात साल तक रिसर्च की।

उन्ही पत्थरों के समूह में करीब ३१५ किलोग्राम का एक पत्थर रिसर्च के दौरान ज़रा भी नहीं हिला लेकिन जब वैज्ञानिक कुछ साल बाद वहां पहुंचे तो उन्होंने उस पत्थर को अपनेस्थान से एक किलोमीटर दूर पाया। वैज्ञानिकों ने यह माना कि तेज़ हवाओं के चलने के कारण पत्थर इधर से उधर खिसकते हैं। अब इसमें कितनी सच्चाई है यह तो पता नहीं। लेकिन यह मूविंग स्टोंस आज भी एक अबूझ पहेली बने हुए हैं।

पमुक्कले, टर्की, (हॉट स्प्रिंग्स)

टर्की में स्थित पमुक्कले ऐसा स्थान है जहाँ १७ नेचुरल हॉट स्प्रिंग्स है। यह नेचुरल हॉट स्प्रिंग्स पमुक्कले में कई हज़ार साल से हैं। इन हॉट स्प्रिंग्स का टेम्परेचर लगभग ३७ से १०० डिग्री के बीच का रहता है। जिस तरह भारत के देहरादून में सहस्त्रधारा का महत्त्व है उसी तरह पमुक्कले का भी काफी महत्त्व है सहस्त्रधारा की तरह ही यहाँ के हॉट वाटर स्प्रिंग्स में स्थित खनिज जब बाहरी वातावरण के संपर्क में आते हैं तो कैल्शियम कार्बोनेट बनता है।

और इस कैल्शियम कार्बोनेट ने झरनों के किनारे जमा होने के कारण स्विमिंग पूल जैसा आकर ले लिया है। इस तरह के नेचुरल हॉट वाटर स्प्रिंग्स हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। इसलिए यहाँ भी सहस्त्रधारा की भांति हजारों की तादात में पर्यटक आते हैं और हॉट वाटर स्प्रिंग्स का आनंद उठाते हैं।

टेलर ग्लेशियर, अंटार्कटिका (ब्लड फाल्स)

टेलर ग्लेशियर जैसा की नाम से ही स्पष्ट है की यह एक ग्लेशियर है और यहाँ चारो ओर सिर्फ बर्फ की चादर ही नज़र आएगी। अंटार्कटिका के टेलर ग्लेशियर पर बिची बर्फ की चादर में एक हैरान कर देने वाली जगह भी है। जी हाँ यह एक ऐसी जगह है जहाँ पर लाल रंग का झरना या खुनी झरना भी बहता है।

इसे सबने ब्लड फाल्स नाम दिया है। इसके झरने की रिसर्च के लिए कई वैज्ञानिक यहाँ आये पर कोई सही नतीजा नहीं निकल पाए। बस एक अनुमान लगाया जा रहा है की जिस स्थान पर्झारना है उसके नीचे लोह तत्व की अधिकता है इसलिए पानी का रंग लाल हो रहा है। हालाँकि यह ब्लड फाल्स आज तक एक रहस्य ही बना हुआ है।

ऑर्चर्ड पार्क, न्यूयॉर्क (इंटरनल फ्लेम फाल्स)

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न्यूयॉर्क स्थित ऑर्चर्ड पार्क में एक छोटा सा झरना बहता है जिसमे एक जलती हुई लौ नज़र आती है। वैज्ञानिको ने रिसर्च के दौरान पाया की जिन चट्टानों पर झरना है उसके नीचे से मीथेन गैस निकलती है। ऐसा अनुमान लगाया जाता है की किसी ने इस मीथेन गैस में आग लगा दी जिस कारण यह लगातार जल रही है। देखने वाले इस झरने को देखकर अचंभित होते हैं। भारत में भी हिमाचल के कांगड़ा में ज्वालामुखी देवी का एक काफी प्रसिद्ध मंदिर है जिसमें स्वतः ही नौ ज्वालाएं प्राकृतिक रूप से प्राचीन काल से ही निरंतर प्रज्ज्वलित हो रही हैं।

रेलैमपागो डेल काटाटूमबो, ओलोगा (माराकैबो लेक)

वेनेजुएला के ओलोगा के पश्चिम दक्षिण क्षेत्र के किनारे एक झील है जिसे माराकैबो लेक कहते है। इस झील के कोने में पहाड़ों के ऊपर संसार की सबसे तेज़ आवृत्ति से बिजली चमकती है। मई और अक्टूबर के महीने में यहाँ सबसे ज्यादा बिजली चमकती है। इन महीनो में यहाँ पर हर रात २०० से ज्यादा बार बिजली चमकने का रिकॉर्ड है।

यहाँ पर हर साल पैर स्क्वायर किलोमीटर में २५० बार बिजली चमकने का रिकॉर्ड बना हुआ है। इस झील के पास से गुजरने वाले अक्सर इस नजारे को देखते हैं। पर इस स्थान पर बिजली सबसे ज्यादा क्यूँ चमकती है यह अभी भी एक रहस्य है।

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मॉन्कटन, न्यू ब्रंसविक (मैग्नेटिक हिल)

न्यू ब्रंसविक के मॉन्कटन में एक चुम्बकीय पहाड़ी यानि मैग्नेटिक हिल है जो अपने आप में ही बहुत ख़ास है। इस हिल की ख़ास बात यह है की इस पर ऐसा चुम्बकीय प्रभाव है की यहाँ पर गाड़ी बिना स्टार्ट किये चलने लगती है। इस पहाड़ी की जानकारी सन १९३० में हुई थी। इस जगह के रहस्य के बारे में जान्ने के लिए कई वैज्ञानिक आज भी रिसर्च कर रहे हैं। यह जगह आज एक पर्यटन क्षेत्र है। ऐसा ही मैग्नेटिक हिल हमारे भारत देश में भी स्थित है। यह मैग्नेटिक हिल लद्दाख क्षेत्र में स्थित है।

यह थे कुछ रहस्यमयी स्थान इस रहस्यमयी दुनिया के लेकिन सफ़र अभी यहीं ख़त्म नहीं हुआ अगली बार मैं फिर हाज़िर होऊंगी और भी नए, अनोखे और रहस्यों से भरी दुनिया की जानकारी लिए।

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