जाने मूर्खता दिवस क्यों और कैसे मनाते हैं लोग

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सुबह सुबह डोरबेल से मेरी आँख खुली. पूछने पर बेटी ने बताया कि नाना नानी आये हैं. मैं हैरान परेशान सोचने लगी बिना किसी खबर के वे कैसे आ गए. खैर जैसे ही मैं ड्राइंग रूम की और पहुंची मेरी बेटी जोर से बोली अप्रैल फूल बनाया… हैप्पी अप्रैल फूल डे मम्मा. मुझे थोडा गुस्सा तो आया पर फिर हँसते हुए बोली सेम टू यू. लेकिन तब से अब तक मैं यह सोचती रही कि अप्रैल फूल के लिए 1 तारीख ही क्यूँ चुनी गयी है. आप सबके ज़ेहन में भी यही बात आ रही  होगी. तो चलिए आज हम यह जानने की कोशिश करते हैं कि अप्रैल फूल डे हम 1 अप्रैल को ही क्यूँ मनाते हैं.

क्यों मानते है अप्रैल फूल डे

वैसे तो अप्रैल फूल डे के मनाने पीछे की कोई ठोस वजह मालूम नहीं पड़ी है. लेकिन इसके बारे में २ कहानियां सबसे ज्यादा प्रचलित है-

  • ऐसा माना जाता है की अप्रैल फूल डे का सबसे पहले उल्लेख 1392  में ब्रिटिश लेखक चॉसर की किताब कैंटरबरी टेल्स में मिलता है. इस किताब की एक कहानी नन्स प्रीस्ट्स टेल के अनुसार इंग्लैण्ड के राजा रिचर्ड II और बोहेमिया की रानी एनी की सगाई की तारीख 32  मार्च घोषित कर दी गई जिसे वहां की जनता ने सच मान लिया और मूर्ख बन बैठे. तब से 32 मार्च” यानी 1 अप्रैल को अप्रैल फूल डे के रूप में मनाया जाता है.
  • एक और कहानी के अनुसार प्राचीन यूरोप में नया साल हर वर्ष 1 अप्रैल को मनाया जाता था. 1582  में पोप ग्रेगोरी XIII ने नया कैलेंडर अपनाने के निर्देश दिए जिसमे न्यू ईयर को 1 जनवरी से मनाने के लिए कहा गया. रोम के ज्यादातर लोगो ने इस नए कैलेंडर को अपना लिया लेकिन बहुत से लोग तब भी 1 अप्रैल को ही नय साल के रूप में मानते थे. तब ऐसे लोगो को मूर्ख समझकर उनका मजाक बनाया जाता था. ऐसा माना जाता है की यूरोप में अप्रैल फूल तब से मनाया जाता है.

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अन्य देशों में कैसे मानते हैं मूर्खता दिवस

  • भारत में प्राचीन काल में ‘सुरान भवन’ नामक मूर्खोत्सव प्रतिवर्ष काशी, राजगीर और श्रावस्ती में धूमधाम से मनाया जाता था. यह उत्सव पूरे एक सप्ताह तक चलता था. इस उत्सव का विवरण जातक ग्रंथों से मिलता है.
  • इतिहास में 1860 की 1 अप्रैल खासी मशहूर रही है. लंदन में हजारों लोगों के पास डाक कार्ड से पोस्ट कार्ड द्वारा एक सूचना पहुंची कि आज शाम टॉवर ऑफ लंदन में सफेद गधों के स्नान का कार्यक्रम होगा. देखने के लिए आप आमंत्रित हैं. कृपया साथ में कार्ड अवश्य लाएं. उस समय टॉवर ऑफ लंदन में आम जनता का प्रवेश वर्जित हुआ करता था. शाम होते ही टॉवर के आसपास हजारों लोगों की भीड़ जमा होने लगी और अंदर प्रवेश के लिए धक्का-मुक्की होने लगा लगी.लोगों को जब पता चला कि उन्हें मूर्ख बनाया गया है तो वह खिसियाकर अपने घर बैरंग लौट गए.
  • प्राचीन काल में चीन में ‘डींग दिवस’ मनाया जाता था. इस दिन चीनी लोग लंबी-लंबी डींगे मारते थे.
  • अमेरिका की कौतुक समिति नामक संस्था ने 1945 में अप्रैल के पहले सप्ताह को राष्ट्रीय हास्य सप्ताह मनाने का निर्णय लिया था.
  • यूरोप के कई देशों में पुराने समय में 1 अप्रैल के दिन हर मालिक नौकर की भूमिका अदा करता और नौकर मालिक का बनकर हुकुम चलाता था. नौकर बने मालिक को उसका हर आदेश का पूरा करना पड़ता था. वह मालिक बने नौकर के लिए खाना बनाता, कपड़े धोता, और उसके बताए अन्य सभी कार्य विनम्रता पूर्वक करता था.
  • नारमेडी मे एक अप्रैल को एक अनोखा जुलूस निकलता था, जिसमें एक घोड़ा गाड़ी में सबसे मोटे आदमी को बैठाकर सारे शहर में घुमाया जाता, ताकि उसे देखते ही लोग खिल खिलाकर हंस पड़े और फिर नाचने गाने लगे.
  • प्राचीन काल में थाइलैंड में कुलसिका नाम का मूर्खों का मेला हर वर्ष आयोजित होता था.
  • ईरानीलोग फ़ारसी नये साल (नोरौज) के तेरहवें दिन एक दूसरे पर जोक्स का प्रयोग करते हैं जो 1 अप्रैल या 2 अप्रैल को पड़ता है. यह दिन जिसे 536 ईसा पूर्व में सिज़्दा बेदर के रूप में मनाया जाता था और यह दुनिया में अभी तक कायम सबसे प्राचीन मजाकिया-परंपरा है.
  • फ़्रांस और फ़्रांसीसी-भाषी कनाडा में 1 अप्रैल की परम्परा में प्वाइजन डी एव्रिल (शाब्दिक तौर पर “अप्रैल की मछ्ली”) शामिल है जिसमें एक पेपर मछ्ली को शिकार की पीठ पर चुपके से चिपका दिया जाता है.
  • कोरिया की मोनार्क ऑफ जोसियन डाईनेस्टी, रॉयल फैमिली और देशों को साल के पहले स्नोवी डे के अवसर पर एक दूसरे से झूठ बोलने और एक दूसरे को बेवकूफ बनाने की छूट दी गयी है, भले ही वे किसी भी समुदाय से हों. वे बॉल के अन्दर बर्फ के टुकड़ों को डालते हैं और इसे मजाक के शिकार के पास झूठा खेद प्रकट करते हुए भेज देते हैं. जिसे यह बर्फ का टुकड़ा प्राप्त होता था उसे गेम का लूजर समझा जाता था और उसे भेजने वाले की इच्छा पूरी करनी होती थी. क्योंकि इन प्रैंक्स को जान बूझ कर तैयार नहीं किया जाता था, ये नुकसान दायक नहीं होते थे और अक्सर ऐसा चैरिटी के लिए या विश्वासपात्र नौकरों की भलाई के लिए किया जाता था.
  • पोलैंड मेंप्राइमा एप्रिलिस  यानी 1 अप्रैल एक जोक्स से भरा दिन होता है. लोग, मीडिया और यहाँ तक कि सार्वजनिक संस्थानों द्वारा हॉक्स तैयार किये जाते हैं. आमतौर पर गंभीर गतिविधियों से परहेज किया जाता है. यह प्रयास इतना तीव्र होता है कि 1 अप्रैल 1683 को लियोपोल्ड II के साथ साइन किये गए तुर्क विरोधी गठबंधन को एक दिन पहले 31 मार्च को तय कर दिया गया था.
  • डेनमार्क में 1 मई को “माज-काट” के रूप में जाना जाता है जिसका मतलब मे-कैट होता है और ऐतिहासिक रूप से अप्रैल फूल्स डे के समान होता है. हालांकि, डेनमार्क वासी अप्रैल फूल्स डे भी मनाते हैं.

तो देखा आपने मूर्खता दिवस यानि फूल डे सिर्फ 1 अप्रैल को ही नहीं मनाया जाता बल्कि अन्य दिन या महीने में भी मनाया जाता है. लेकिन आधिकारिक रूप से इसे 1 अप्रैल को ही है मनाया जाता है. आप यहाँ क्यूँ बैठे हैं जाइये तैयारी कीजिये किसी को मूर्ख बनाने की.

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