People

ऐसा गांव जहां घरों में नहीं लगाए जाते ताले या कुण्डी

एक कहानी, घर में पूजा घर, गांव पर कविता, gaon ki sair, bharat ke gaon, घर के नाम, घर का, यह है, कोई नहीं
mm
Written by Rahul Ashiwal

सभी लोगों को अपने घर की सुरक्षा के लिए कोई न कोई बेहतर प्रयास करने पड़ते हैं, ताकि घर और उसमें रहने वाले लोग सुरक्षित रह सके। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे गांव का अफसाना सुनाएंगे जहां के रहने वाले लोग नही लगाते घरो में ताले।

आपको शायद यकीन ना हो, लेकिन इस गांव के किसी भी घर या दुकान में दरवाजा तक नहीं है। जी हां हम बात कर रहे हैं शनिशिंगनापुर गांव की जो महाराष्ट्र में स्थित अहमदनगर से कुछ दूरी पर है। वैसे तो यह गांव इसलिए भी प्रसिद्ध है क्योंकि यहां एक विख्यात शनि मंदिर है, लेकिन इस गांव का रहस्य तो ये है, आखिर क्यों नही लगाए जाते इस गांव में ताले या कुण्डी। इसके साथ ही यहां के लोग अपने कीमती सामान को किसी अलमारी या तिजोरी में भी नहीं रखते। आइये बताते है आपको कि आखिर ऐसा क्यों है।

आखिर क्या रहस्य है इस गांव का

यहां रहने वाले लोगों का मानना है कि शनि भगवान की इस गांव पर अपार कृपा है और केवल शनि भगवान इस गांव के रक्षक हैं। यहां के लोग सिर्फ आस्था में विश्वास करते हैं जहाँ उनके घर केवल भगवान भरोसे चलते है। जो अपने सुख और दुख का मालिक शनि भगवान को ही मानते हैं। इस गांव के वासियों के लिए शनि भगवान की महिमा से बढ़कर और कुछ नहीं है। और यही वजह है कि इस गांव में किसी के घर में दरवाजे तो क्या दरवाजे की चोखट तक नही।

आइये सुनाते है आपको इस गांव की कहानी

कहा जाता है एक बार इस गांव में बाढ़ आ गई, पानी का स्तर इतना ज्यादा था कि सब कुछ डूबने लगा। लोगों का कहना है कि उस भयंकर बाढ़ के दौरान कोई अनोखी प्रतिमा पानी में बह रही थी। जब पानी का स्तर थोड़ा कम हुआ तो एक व्यक्ति ने पेड़ की झाड़ पर एक बड़ा सा पत्थर देखा। इतना बड़ा पत्थर उसने आज तक नहीं देखा था, तो उसने उस पत्थर को पेड़ से उतारा और उसे तोड़ने के लिए जैसे ही उसमें कुल्हाड़ी मारी उस पत्थर में से खून बहने लगा।

ये भी पढ़ें :

कुछ अनोखी कहानियाँः जो न मनुष्य रह गए थे और न जानवर

मिला चमत्कारी पत्थर

यह देखकर वह वहां से भाग खड़ा हुआ और गांव लौटकर उसने सभी को यह बात बताई। सभी दुबारा उस स्थान पर पहुंचे जहां वह पत्थर था,  सभी उसे देख भौचक्के रह गए। और वह सोच नही पा रहे थे कि आखिर इस चमत्कारी पत्थर का क्या करें। इसलिए उन्होंने गांव वापस लौटकर अगले दिन फिर आने का फैसला किया। और उसी रात गांव के एक शख्स के सपने में भगवान शनि आए और बोले “मैं शनि देव हूं, जो पत्थर तुम्हें आज मिला उसे अपने गांव में लाओ और मुझे स्थापित करो”

पत्थर अपनी जगह से एक इंच भी ना हिला

अगली सुबह होते ही उस शख्स ने गांव वालों को सारी बात बताई, जिसके बाद सभी उस पत्थर को उठाने के लिए वापस लौटे। बहुत से लोगों ने प्रयास किया, किंतु वह पत्थर अपनी जगह से एक इंच भी ना हिला। काफी कोशिश करने के बाद गांव वालों ने यह विचार बनाया कि वापस लौट चलते हैं और कल पत्थर को उठाने के एक नए तरीके के साथ आएंगे।

उस रात फिर से शनि देव उस शख्स के स्वप्न में आए और उन्होंने बताया कि “मैं उस स्थान से तभी हिलूंगा जब मुझे उठाने वाले लोग सगे मामा-भांजा के रिश्ते के होंगे” तभी से यह मान्यता है कि इस मंदिर में यदि मामा-भांजा दर्शन करने जाएं तो अधिक फायदा होता है। इसके बाद पत्थर को उठाकर एक बड़े से मैदान में सूर्य की रोशनी के तले स्थापित किया गया। जहाँ दर्शन के लिए लोग देश विदेश से आने लगे।

आज तक नही हुई कोई चोरी और न ही कोई अपराध

माना जाता है कि शनिशिंगणापुर गांव में आज तक कोई चोरी नही हुई और ना ही कोई अपराध कभी सुनने में आया। क्योंकि यहां रहने वाले लोगों का मानना है अगर कोई इस गांव में चोरी करता है तो वह इस गांव से बाहर भी नहीं जा पाता और उस पर शनि देव जी का कहर बरसता है।

आपके लिए एक और बेहतरीन कहानी :-

जाने मूर्खता दिवस क्यों और कैसे मनाते हैं लोग

श्रद्धालुओ का भगवान के प्रति विश्वास

शनिशिंगणापुर गांव में भारत के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां आकर भक्ति भाव सहित शनिदेव की पूजा अर्चना करते हैं। आपको बता दे कि यहां जो श्रद्धालु दर्शन के लिए आते है वह भी अपने वाहनों में ताला नहीं लगाते व बिना किसी परेशानी के अपने को सुरक्षित महसूस करते हैं।

About the author

mm

Rahul Ashiwal

Leave a Comment