देखी है कभी पानी में तैरने वाली सुरंग

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अभी कुछ दिनों पहले हमने आपको भारत की सबसे लम्बी सुरंग के बारे में जानकारी दी थी. लेकिन क्या आपने कभी ऐसी सुरंग के बारे में सुना है जो कि पानी में तैरती है. जी हाँ, सही सुना आपने हम पानी में तैरने वाली सुरंग के बारे में बात कर रहे हैं. तो चलिए आज हम पानी में बनने वाली इस सुरंग के बारे में आपको बताते हैं. यह सुरंग अपने आप मे एक अजूबा होगी. विश्‍व में पानी के अंदर बनने वाली यह अनोखी सुरंग होगी.

नॉर्वे के समुद्र में बनेगी सुरंग

यह सुरंग नॉर्वे के समंदर में बनाई जाएगी. नॉर्वे का तटीय क्षेत्र बेहद खूबसूरत पर्यटन स्‍थलों मे से एक है. पूरे विश्‍व से यहां लोग घूमने आते हैं. आस-पास के शहरों से नार्वे के तटीय क्षेत्र तक आने में काफी लंबा रास्‍ता तय करना पड़ता है. पूरे विश्‍व से आने वाले सैलानियों की सुविधा को देखते हुए समुद्र के अंदर तैरती हुई सुरंग बनाई जाएगी. नॉर्वे के पब्लिक रोड एडमिनिस्ट्रेशन ने इस सुरंग को बनाने का प्‍लान तैयार किया है.

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कंक्रीट के पाइपों पर बनेगी सुरंग

यह सुरंग अपने आप मे आर्किटेक्ट का एक बेहतरीन नमूना होगी. दुनिया में अभी तक ऐसी कोई सुरंग नहीं बनी है. ये दुनिया की सबसे पहली पानी में तैरने वाली सुरंग होगी. इसे बनाने में कंक्रीट की पाइपों का इस्तेमाल किया जाएगा.

सौ फीट गहराई पर बनाई जाएगी सुरंग

इसमें १२००० मीटर लंबी दो पाइपें गोलाकार में मुड़ी होंगी. समुद्र में सौ फुट गहराई पर ये सुरंग बनाई जाएगी. दक्षिणी शहर क्रिस्टियानसैंड से उत्तर में ट्रोन्डहाइम तक जाने के लिए पहले यात्रियों को बहुत लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी. समुद्र के चलते पुल बनाकर इन्‍हें नहीं जोड़ा जा सकता था. अंत मे नॉर्वे के पब्लिक रोड एडमिनिस्‍ट्रेशन ने पानी में तैरती सुरंग बनाने का प्रस्ताव रखा. क्रिस्टियानसैंड से ट्रोन्डहाइम तक जाने के लिए पहले २१ घंटों का सफर तय करना पड़ता था. ये सुरंग बनने के बाद २१ घंटे की यह दूरी मात्र दस घंटों में तय की जा सकेगी. नॉर्वे के पब्लिक रोड एडमिनिस्ट्रेशन ने इस सुरंग को २०३५ तक तैयार करने का दावा किया है.

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सुरंग के चबूतरे होंगे पानी के ऊपर

हालाँकि सुरंग पानी के अंदर ही बनाई जाएगी लेकिन इसके चबूतरे पानी के ऊपर दिखाई देंगे. इन चबूतरों के बीच की दूरी कम से कम इतनी होगी जिसके बीच में से कोई समुद्री जहाज जा सके. सबसे पहली सुरंग ओपेडाल को लाविक से जोड़ने के लिए बनाई जाएगी जो १३०० मीटर गहरी और १००० मीटर चौड़ी होगी.

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