85 की उम्र में चाहते हैं माउंट एवेरस्ट को जीतना

आपने कम उम्र के पर्वतारोहियों के बारे में तो बहुत सुना होगा लेकिन आज हम बात कर रहे है ८५ साल के जवान की. सुनकर थोड़े हैरान हो रहे होंगे आप सब. ८५ साल के बुज़ुर्ग को मैं जवान कैसे कह रही हूँ. अरे जनाब, जो व्यक्ति ८५ साल की उम्र में एवरेस्ट चढ़ने के बात कहे तो उसे हम क्या कहेंगे.  तो चलिए आज मिलवाते हैं आपको ८५ साल के एक पूर्व सैनिक से.

अब तक थे सबसे उम्रदराज़ पर्वतारोही

८५ वर्षीय पूर्व सैनिक मीन बहदुर शेरचन माउंट एवेरस्ट पर चढ़ने वाले सबसे बुज़ुर्ग पर्वतारोही का अपना खोया हुआ खिताब पाने की तमन्ना रखते हैं. वेह कहते हैं  कि वह एक बार फिर से चोटी पर पहुंचकर शांति का सन्देश देना चाहते हैं. एक समय माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाले सबसे उम्रदराज पर्वतारोही रहे मीन बहादुर शेरचन की इस मौसम के दौरान ८८४८ मीटर की उंचाई पर चढ़ने की योजना है.पूर्व गोरखा सैनिक शेरचन ने एक निजी समाचार एजेंसी से बातचीत के दूरसं कहा, मैं दुनिया भर में लोगों की प्रेरणा के लिए एक बार फिर एवरेस्ट फतह करने वाला बुजुर्ग शख्स बनना चाहता हूं. उन्होंने कहा, उम्र के लिहाज से मैं बुड्ढ़ा हो गया हूं लेकिन मुझमें अभी भी युवाओं जैसा साहस है. चाहे जो हो मैं एवरेस्ट की चोटी पर जाउंगा.

गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी नाम शामिल

शेरचन ने वर्ष २००८ में ७६ साल की उम्र में एवरेस्ट फतह की थी और २०१० में गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे उम्रदराज पर्वतारोही के तौर पर अपना नाम दर्ज कराया. लेकिन पांच साल बाद ८० वर्षीय जापानी नागरिक युचिरो मिउरा ने उनका यह रिकार्ड तोड़ दिया था. इससे पहले शेरचन ने २०१५ में एवरेस्ट फतह करने की कोशिश की थी लेकिन भीषण भूकंप के बाद हिमस्खलन के कारण ऐसा करना संभव नहीं हो पाया था. लेकिन उनके बुलंद हौंसलों ने उनके मज़बूत  इरादों को कमज़ोर नहीं होने दिया है और उनके इस जज्बे को हम सलाम करते हैं.

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