क्या आपने देखा है कुम्भकर्णों का गाँव 

नींद सबको प्रिय है. हर कोई सुकून की नींद चाहता है. कोई नींद आने के लिए म्यूजिक सुनना पसंद करता है तो किसी को बिस्तर पर गिरते ही नींद आ जाती है. कोई २ मिनट की झपकी से ही तरोताजा महसूस करता है तो किसी के लिए पूरी रात की नींद भी कम पड़ सकती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि नींद एक बीमारी भी हो सकती है. पढ़कर हैरान हो गए न… जी हाँ यह बिलकुल सच है. और ऐसी ही सच्चाई का  सामना कर रहे हैं कजाकिस्तान के एक गांव के लोग जिसके रहस्य के सच का पता अभी तक वैज्ञानिक और शोधकर्ता पता नहीं लगा पाए हैं.

कुम्भकरण की आदत से ग्रसित

कजाकिस्तान का एक गांव हैं कलाची जहाँ लोग अजीब बीमारी से ग्रसित हैं, यहाँ लोग एक बार सो जाते हैं तो कई दिनों या कई महीनों तक नहीं उठते. यह सुनकर आपको कुम्भकरण की याद आ रही होगी. लेकिन यह सच है कजाकिस्तान का ये गांव कुम्भकरण की आदतों से ग्रसित है.

कहीं भी सो जाते  हैं

इस बीमारी की सबसे ज्यादा आश्चर्य वाली बात तो ये है की ऐसी बीमारी से ग्रसित लोगों को इस बात का एहसास ही नहीं होता की वो कब और कहाँ सो गए. इस बीमारी से ग्रसित लोग घर में हों या घर से बाहर सड़क पर, गार्डन में या बाजार कहीं भी अचानक सो जाते हैं. इस बीमारी का अब तक कोई पता नहीं लग पाया है की ऐसा क्यों होता है और इसका इलाज क्या है.

२०१० में आया पहला मामला सामने

कलाची गांव में इस तरह सोने का पहला मामला २०१० में सामने आया था. कुछ बच्चे अचानक स्कूल में सो गए और इस मामले के बाद इस बीमारी से ग्रसित लोगों की संख्या धीरे धीरे बढ़ने लगी. तब से वैज्ञानिक और शोधकर्ता इस पर शोध कर रहे हैं, हालाँकि कुछ वैज्ञानिकों का कहना है इस गाँव के लोग एक अजीब बीमारी से ग्रसित हैं और इसी कारण ऐसा हो रहा है लेकिन अभी तक इस बीमारी के बारे में पता नहीं लगा पाए हैं.

इसके अलावा कुछ डॉक्टर का मानना है कि ऐसा यहाँ के दूषित पानी की वजह से होता है. करीब ६०० लोगों की जनसंख्या वाले इस गांव में करीब चौदह फ़ीसदी लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं. कई लोगों का यह भी मानना है कि हवा में उच्च मात्रा की रेडोन गैस होने के कारण इस गाँव के लोगों को ऐसी बीमारी हो गयी है. मामला अभी तक डॉक्टर्स और वैज्ञानिकों के समझ के परे है लेकिन इस वजह से इस गांव को स्लीपी हौलो नाम से भी जाना जाने लगा है.

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