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मिलिए दुनिया की पहली ट्री गर्ल

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Written by Shweta Singh

क्या आपने कभी किसी इंसान को पेड़ बनते देखा है. सोच रहे होंगे कि कैसी बाते कर रही हूँ मैं. लेकिन आज मैं आपको एक ऐसी लड़की के बारे में बता रही हूँ जो धीरे धीरे पेड़ बन रही है.

बांग्लादेश में है दुनिया की पहली ट्री गर्ल

दुनिया में ऐसे लोगों की संख्या छह से भी कम होगी जो एपिडर्मोडिसप्लासिया वेरुसीफोर्मिस से पीड़ित हैं. इस बीमारी में इंसान के शरीर से पेड़ जैसी लताएं निकलने लगती हैं. इसी के चलते हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें लड़की के शरीर में पेड़ उग रहे हैं. इस लड़की को दुनिया की पहली महिला पेड़ कहा जा रहा है. बांग्लादेश की रहने वाली दस वर्षीय इस लड़की के चेहरे पर पेड़ की शाखाएं पनप रही हैं.

ट्री मैन सिंड्रोम से पीड़ित

सहाना खातून नाम की इस लड़की के चेहरे पर कई मस्से हैं जिनमें पेड़ की जड़े उभर रही हैं। सहाना के कानों पर भी ऐसी कुछ आकृतियां उभर आई हैं. डॉक्टरों के मुताबिक सहाना को  ट्रीमैन  सिंड्रोम  यानि एपिडर्मोडिसप्लासिया वेरुसीफोर्मिस नाम की त्वचा की बीमारी है.  पूरी दुनिया में सिर्फ ६ या ७ लोग ही इस बीमारी से पीड़ित होते हैं लेकिन सहाना पहली लड़की है जो इस बीमारी से जूझ रही है.

ढाका में चल रहा है इलाज 

सहाना के पिता मोहम्मद शाहजहां बांग्लादेश के एक गांव में मजदूरी करते हैं. उनका कहना है कि लगभग चार महीने पहले उनकी बेटी के चेहरे पर एक मस्सा उभरा था, उन्होंने उस वक्त ज्यादा चिंता नहीं की, लेकिन जब वो तेजी से बढ़ने लगा तो उसे इलाज के लिए ढाका ले जाया गया। जहाँ उसका ऑपरेशन किया जिससे उसके मस्से हटाने का प्रयास किया गया. लेकिन इस ऑपरेशन के बाद वहां और मोटी शाखा निकल आई जिस वजह से सहाना के पिता आगे इलाज कराने से डर रहे हैं. क्यूंकि वह मजदूर हैं और वे इतना खर्चा वहन नहीं कर सकते.

बांग्लादेश का एक रिक्शा चालक भी इस सिंड्रोम से पीड़ित

गौरतलब है कि इससे पहले भी बांग्लादेश में एक ऐसा ही मामला सामने आया था. बांग्लादेश के अब्दुल बाजनदार को लोग ट्रीमैन के नाम से भी जानते हैं. दस साल पहले वह त्वचा की इस विकृति का शिकार बने, जिससे उनके हाथों और पैरों से पेड़ जैसी लताएं निकलने लगीं. रिक्शा चलाने वाले अब्दुल ने पहले तो इन्हें अनदेखा किया, लेकिन धीरे धीरे ये उनके हाथ और पैर इनसे घिर गए. अब्दुल बाजनदार के १६ ऑपरेशन होने के बाद करीब ५ किलो शाखा को हटाया जा सका है.

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