यह हैं दुनिया के अनोखे गांव

हमने आपको अब तक कई अनोखे देशों, शहरों और लोगों के अफ़साने सुनाये हैं. आज हम आपको कुछ अनोखे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं. चलिए इन गाँव के बारे में आपको विस्तारपूर्वक जानते हैं.

ब्लू विलेज

जुज्कार नाम का ये शहर स्पेन मे है, जहां का हर घर नीले रंग का है. पर्यटन ही यहां का मुख्य रोज़गार है, लेकिन एक वक्त इस गांव में पूरे साल सिर्फ़ सौ पर्यटक ही आते थे, जो यहां की आबादी के हिसाब से बहुत कम था. २०११ में सोनी टेलिविज़न ने अपनी फ़िल्म लोस पिटुफोस के लिए इस गांव को नीला पेंट किया जिसके बाद यहां पर्यटकों की भीड़ आने लगी. आज भी यहां हर घर नीले रंग का है और स्पेन से आने वाले इस जगह को घूमने ज़रूर आते हैं.

इस गांव के पास है खुद का सूरज

विगेनल्ला गांव इटली में स्थित है और यह एक गहरी घाटी में बसा हुआ है जहां पर धूप बिल्कुल नहीं आती. इस समस्याओं को हल करने के लिए इंजीनियर और आर्किटेक्ट ने एक बहुत बड़ा शीशा पहाड़ी पर लगा दिया जिससे होकर धूप की रोशनी अब इस गांव में आती है और अंधेरा बिल्कुल हट गया है जिस कारण यह बहुत ही विचित्र गांव बन गया है.

इस गांव का नाम स्नेपडील.कॉम नगर रख दिया

यह नाम सुनकर आप सभी चौंक गए होगे लेकिन आपको बता दें कि यह कोई वेबसाइट नहीं बल्कि एक गांव है। दरअसल स्नेपडील ने मुज़फ्फरनगर के शिवनगर गांव में कुछ हैंडपंप लगवाए थे उसके बाद से इस गांव का नाम स्नेपडील.कॉम रख दिया गया.

इस गांव में नहीं है सड़क

गिएथूर्न गांव नीदरलैंड में स्थित है. इस गांव को नीदरलैंड का वेनिस कहते हैं. बिना सड़क वाले इस गांव में लोग पानी के रास्ते का इस्तेमाल करते हैं. इस खूबसूरत गांव में करीब एक सौ अस्सी पुल हैं जो घरों के अंदर जाने का रास्ता है. पर्यटक इस जगह को देखने ज़रूर आते हैं.

लिलिपुट का गांव

चीन के यांग्सी गांव में करीब चालीस फ़ीसदी लोगों की लम्बाई आम लोगों से बहुत कम है. तीन फ़ीट से थोड़े ज़्यादा लम्बे इन लोगों की मानें तो पहले ऐसा नहीं था. उन्नीस सौ सत्तानवे के बाद होने वाले ज़्यादातर बच्चों की लम्बाई नहीं बढ़ पा रही. डॉक्टर्स भी इसका कारण बताने में नाकाम रहे हैं.

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