ऐसा खतरनाक किला जहां सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी 

आप लोग अक्सर पर्यटन के लिए इधर उधर जाते रहे होंगे और आपमें से कईयों ने ऐतिहासिक किलों को भी बड़े चाव से देखा होगा. तो चलिए आज हम भी आपको एक किले के बारे में बताते हैं ऐसा किलो जिसे देख कर आप कांप उठेंगे.

भारत का सबसे खतरनाक किला

हम आज आपको भारत का सबसे खतरनाक किला दिखाने जा रहे हैं जो कि पर्यटकों के लिए भी सुरक्षित नहीं है. महाराष्ट्र के माथेरान और पनवेल के बीच में स्थित यह कलावंती दुर्ग जिसे प्रबल गढ़ दुर्ग के नाम से भी जाना जाता है करीबन तेइस फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित है.

ऊपर पहुंचने का साधन

कलावंती दुर्ग पहुंचने के लिए एकमात्र जरिया है सिर्फ चट्टानों पर बनी हुई सीढ़ियां जिन पर चलकर जाना खतरे से खाली नहीं है. अगर आपसे एक भी चूक हुई तो आप सीधा नीचे खाई में जाकर गिरेंगे यहां तक कि पकड़ने के लिए कोई रेलिंग भी नहीं है.

कब हुआ इसका निर्माण

आपको बता दें कि कलावंती दुर्ग भारत के प्राचीनतम किलों में से एक है इसका निर्माण बुद्ध काल के दौरान हुआ था. पहले इस किले को मुरंजन दुर्ग के नाम से जाना जाता था लेकिन शिवाजी महाराज के आधिपत्य के बाद इसका नाम कलावंती दुर्ग रख दिया गया.

सबसे कम पर्यटक आते हैं

पर्यटन विभाग की माने तो इस दुर्ग पर सबसे कम पर्यटक आते हैं. जो लोग आते भी हैं वह सूर्यास्त के बाद यहां से चले जाते हैं. असल में यहां की चढ़ाई इतनी कठिन है की कोई भी इंसान ज्यादा वक्त तक यहां पर टिके रहना नहीं चाहता. साथ ही बिजली पानी की कोई व्यवस्था नहीं है और जंगल में स्थित होने के कारण यहां पर लोग ज्यादा देर तक रुकते नहीं है. इस किले की चट्टानें सीढ़ियां चट्टाने काटकर बनाई गई हैं और इन सीढ़ियों से फिसल कर अभी तक कई लोगों की मृत्यु भी हो चुकी है.

ऊपर से दिखेंगे खूबसूरत नज़ारे

अगर आप दुर्ग के ऊपर चढ़ने में कामयाब हुए तो यहां से चंदेरी, माथेरान, करनल और ईर्शल के किले भी नजर आते हैं और इतना ही नहीं यहां से आपको मुंबई शहर दिख जाएगा. बरसात के समय तो यहां की खूबसूरती देखते लायक होती है लेकिन इस दौरान यहाँ आना जान जोखिम में डालने वाली बात होगी.

Leave a Reply