क्या आप भी हैं पत्नी पीड़ित पुरुष, तो आइये इस आश्रम

अभी तक आपने सुना होगा पति से प्रताड़ित महिलाओं के बारे में. ऐसी महिलाएं जो पति से पीड़ित होती हैं और किसी ऐसे संस्था में शरण लेती हैं जिसमे उन्हें संरक्षण मिले. लेकिन ऐसे पति बेचारे क्या करें जो अपनी पत्नियों से पीड़ित हैं. सुनने में यह बात थोड़ी हास्यास्पद ज़रूर लगती है लेकिन सोचिये वो बेचारे कहाँ जायेंगे. लेकिन अब पत्नियों द्वारा सताए गए ऐसे पुरुषों के लिए पत्नी पीड़ित आश्रम आशा की किरण बन कर उभरा है.

कहां है यह पत्नी पीड़ित आश्रम

पत्नी पीड़ित यह आश्रम महाराष्ट्र के औरंगाबाद के करीब है. हालांकि, इसके बारे में ज्यादा जानकारी हासिल नहीं है, लेकिन रिपोर्ट की मानें तो इसकी नींव रखने वाले इंसान का नाम है भारत फुलारे. शहर से १२० किलोमीटर दूर एक छोटा सा आश्रम जहां ऐसे लोग आते हैं जिनकी जिंदगी उनकी पत्नियों ने खराब कर दी है.

कब हुई इस आश्रम की शुरुआत

पत्नी पीड़ित आश्रम के फाउंडर भारत फुलारे का कहना है कि उन्होंने १९ नवंबर २०१६  को पुरुष अधिकार दिवस के मौके पर इस आश्रम को शुरू किया था. भारत फुलारे का ये आश्रम काफी लोकप्रिय है. यहां तो हर तरह के लोग आते हैं. अपने दुखों का निवारण करने और सबसे बड़ा प्वाइंट है कानूनी सलाह लेने.

इस आश्रम में एंट्री की यह है शर्त

इस आश्रम में एंट्री इतनी आसानी से नहीं मिलटी, इसके लिए उन्हें इस शर्त का पालन करना पड़ता है. दरअसल अगर पत्नियों द्वारा कम से कम २० केस दर्ज कराये गए हो तभी उन पुरुषों को एंट्री मिलेगी. इस आश्रम में सभी पति कानूनी सलाह लेते हैं, मिलजुल कर रहते हैं, खाना बनाते हैं और अपनी जिंदगी बिना पत्नियों के खुशी से जीते हैं.

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इस आश्रम की एक और ख़ास बात

इस आश्रम की एक खास बात और है. वो यह कि यहाँ कौए की पूजा होती है. सुनकर थोड़ी हैरानी होगी लेकिन इसके पीछे इनका तर्क यह है कि कौआ अपने बच्चों का ध्यान रखता है, मादा कौआ तो अंडे देकर उड़ जाती है और नर चूजे निकलने से लेकर उन्हें उड़ने लायक बन्ने तक उनका ख्याल रखता है. मतलब वेह भी उस नर कौए की तरह हैं जिन्होंने अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभायीं पर पत्नियों ने उनका ध्यान नहीं रखा.

काउन्सलिंग का भी है प्रावधान

१२०० वर्गफिट में बने इस आश्रम में हर शनिवार बेचारे पतियों की काउंसलिंग भी होती है. दावा तो ये भी किया जा रहा है कि अब तक यहां ५०० से ज्यादा लोग काउंसलिंग के लिए आ चुके हैं.

आपको यहाँ यह भी बताते चलें कि जिन भारत फुलारे का यह आश्रम है उनके खिलाड़ खुद १४७ केस दर्ज हैं.

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