यहां आसमान से बरसती है आग

जून का महीना शुरू हो चुका है और गर्मी ने अपना भयंकर रूप दिखाना शुरू कर दिया है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस धरती पर कुछ इतनी गर्म जगहे भी हैं जहां इंसान तो क्या जानवरों की भी आत्मा हिल जाती है. आइये बताते हैं आपको उन जगहों के बारे में

दश्त-ए-लुत(ईरान)

दश्त-ए-लुत को धरती की सबसे गर्म जगहों में से एक माना जाता है. साल २००५ में नासा ने दश्त-ए-लुत का तापमान ७०.०७ डिग्री रिकॉर्ड किया था. २००४ से २००७ तक और २००९ में तो दश्त-ए-लुत धरती पर सबसे ज्यादा गर्म स्थान रहा था.

दनाकिल रेगिस्तान (इथोपिया)

कहा जाता है कि दनाकिल रेगिस्तान की गर्मी धरती पर नरक की आग का एहसास कराती है. दुनिया में जहां मौसम के हिसाब से तापमान कम या ज्यादा होते रहते हैं वहीं दनाकिल में पूरे साल तापमान ४८ डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहता है. यहां के गरम तलाबों में चौबीसों घंटे पानी उबलता रहता है. अपनी आग उगलती गर्मी के लिए दनाकिल को ‘क्रुअलेस्ट प्लेस ऑन अर्थ’ भी कहा जाता है.

डेथ वैली(अमेरिका)

डेथ वैली में साल में औसत वर्षा मात्र पांच सेंटीमीटर के लगभग होती है. यहां पानी के निशान तक नहीं है. कहीं-कहीं पानी है भी, तो बहुत ही खारा. थर्मामीटर से नापा गया अब तक का सबसे विश्वसनीय अधिकतम तापमान पूर्वी कैलिफोर्निया की इसी घाटी का रहा है. कहा जाता है कि डेथ वैली का तापमान ५६.७ डिग्री मापा गया था. थर्मामीटर से नापा गया ये सबसे अधिक तापमान था.

अल अजीजिया (लीबिया)

एक वक्त में अल अजीजिया दुनिया का सबसे गर्म शहर था. १३ सितंबर १९२२ को लीबिया के इस शहर में ५८ डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ था. साल २०१२ में अमेरिका की डेथ वैली ने अल अजीजिया से दुनिया का सबसे गर्म स्थान का तमगा छीन लिया.

तुरपन (चीन)

चीन की तुरपन घाटी का हाल भी कुछ डेथ वैली जैसा ही है. साल २००८ में तुरपन में अधिकतम तापमान ६६.८ डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था. पहाड़ों को देख कर ये यकीन करना मुश्किल है कि यहां तापमान इतना ज्यादा कैसे हो जाता होगा. लेकिन ये लाल पहाड़ बलुआ पत्थरों को बने हुए हैं, जो दोपहर होते-होते तपते तंदूर में बदल जाते हैं. इसीलिए यहां जबरदस्त गर्मी महसूस होती है.

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