जिस गांव में हर कोई करता है इशारों से बातें

आप एक दूसरे से कब बात नहीं करते, तभी न जब आप किसी से नाराज़ हों. लेकिन कितने दिन तक, एक, दो या ज्यादा से ज्यादा एक हफ्ता. पर क्या आपको ये पता है कि दुनिया में ऐसी जगह भी है जहां लोगों को एक -दूसरे से बातें किए हुए सालों बीत चुके हैं. कहां है यह जगह, आइये बताते हैं.-

इंडोनेशिया में स्थित है यह डेफ विलेज

इंडोनेशिया के बालि आइलैंड में स्थित बेंगकला गांव काफी अनोखा है. इस गांव में रहने वाले लोग एक दूसरे से बोलकर बातें नहीं करते हैं. यहां के सभी लोग इशारों में ही बातें करते हैं. ये लोग सालों से अपनी बात से दूसरे को अवगत कराने के लिए इसी सांकेतिक भाषा का इस्तेमाल करते हैं. इस भाषा को कोटा कोलोक कहते हैं.

क्या है कोटा कोलोक

कोटा कोलोक एक सांकेतिक भाषा है और इस गांव में जो भी बोल सुन सकता है वह भी यह सांकेतिक भाषा सीखता है. ऐसा माना जाता है कि यहां के लोग करीब सात पीढ़ियों से इसी भाषा का उपयोग कर रहे हैं. बेंगकला की अधिकतर जनसंख्या बोलने और सुनने में सक्षम नहीं है. इसका कारण जीन्स को बताया जाता है. यहां बच्चे जन्म से ही इस बीमारी से ग्रसित होते हैं.

एक दंतकथा भी है इसके पीछे

इस बीमारी के पीछे एक दंतकथा भी मानी जाती है. ऐसा माना जाता है कि ये ऐसे दो लोगों की कहानी है जिनके पास दैवीय शक्तियां थीं. आपस में लड़ते हुए उन्होंने एक दूसरे को कभी ना सुन पाने का शाप दे डाला. हालांकि इस मान्यता पर काफी कम लोग विश्वास करते हैं.

बोलने वाले भी सीखते हैं इशारों की भाषा

बोलने और सुनने की समस्या से जूझ रहे इस गांव को बहरा गांव यानी डेफ विलेज भी कहा जाता है. इसकी गांव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां के वे लोग जो बोल और सुन सकते हैं वे भी कोटा कोलोक सीखते हैं ताकि जो बोल-सुन नहीं सकते हैं उनके साथ आसानी से संवाद स्थापित कर सकें.

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