इस टापू पर महिलाओं की है नो एंट्री

जहां हम एक तरफ महिलाओं और पुरुषों को समानता का अधिकार देने की बात करते हैं वहीँ कुछ जगह ऐसे भी हैं जहां महिलाओं की एंट्री ही बैन कर रखी है. हम बात कर रहे हैं जापान के एक ऐसे ही द्वीप की. इस टापू को यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया है.
कौन सा है यह आइलैंड
असाही शिंबून अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक जापान के दक्षिण-पश्चिम में स्थित ओकिनोशिमा आइलैंड पर धार्मिक कारणों से केवल पुरुषों को जाने की अनुमति है. यहां तक कि जो लोग इस टापू पर जाते हैं उन्हें वहां से मुख्यभूमि पर कोई यादगार चीज़ लाने की भी इजाज़त नहीं है. अख़बार के अनुसार वहां से लौटनेवाले घास तक नहीं ला सकते.
क्या है इनकी प्राचीन प्रथा
टापू पर मुनाकाटा ताइशा ओकित्सुमिया श्राइन मौजूद है जहां समुद्र की देवी की पूजा की जाती है.
ओकिनोशिमा में प्राचीन काल में जहाज़ों की सुरक्षा के लिए पूजा की जाती थी. जापान टाइम्स के मुताबिक चौथी और नवीं शताब्दी के बीच इस टापू पर कोरियाई प्रायद्वीप और चीन के बीच व्यापार विनमय होता था. पुराने समय से चली आ रही धार्मिक पाबंदियां आज भी इस टापू पर मान्य हैं जिनमें महिलाओं के आने पर प्रतिबंध भी शामिल है. यहां आनेवाले पुरुषों को पहले नग्न होकर शुद्धिकरण के लिए एक विधि का पालन करना पड़ता है और उनसे अपेक्षा की जाती है कि टापू की यात्रा का विवरण वो किसी से भी साझा नहीं करेंगे.
टापू को विश्व धरोहर बनाने का प्रयास
असाही शिंबून अख़बार के मुताबिक, इस टापू को एक परामर्शदाता पैनल ने विश्व धरोहर स्थल बनाए जाने की अनुशंसा की है. इस पर अंतिम फ़ैसला यूनेस्को की बैठक में जुलाई महीने में होगा. “टापू को विश्व धरोहर स्थल बनाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर कुछ और बातों को भी इसमें शामिल करने की ज़रूरत होगी.” अख़बार के मुताबिक आनेवाले समय में ओकिनोशिमा टापू पर पर्यटन को बढ़ावा देना एक मुद्दा बन सकता है.
क्या है कहना श्राइन बोर्ड का
मुनाकाटा ताइशा के एक अधिकारी ने माइनिची डेली अखबार को बताया, “अगर इस टापू को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल कर लिया जाता है तब भी हमारे नज़रिए में बदलाव नहीं आएगा. हम टापू पर आनेवालों के लिए बने नियम में बदलाव नहीं करेंगे.” यानि फ़िलहाल ऐसी कोई संभावना नहीं है कि महिलाओं के टापू पर जाने पर लगी पाबंदी को हटाया जाएगा.

 

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