सूरज ढलते ही हो जाते हैं यह बेजान

आपने यह कहावत तो सुनी होगी कि ‘कबिरा इस संसार में भांति भांति के लोग…’ लेकिन क्या आपने सच में कभी ऐसे लोगों के बारे में सुना या देखा है? चलिए आज हम आपको ऐसे ही भाइयों के बारे में बताते हैं.

पाकिस्तान के हैं यह अनोखे बच्चे

पाकिस्तान के एक गांव में रहने वाले तीन बच्चे जो आपस में भाई है. इनकी उम्र क्रमशः 1, 9 और 13 साल है. इस छोटी उम्र में ही इन्हें अजीब किस्म की समस्या हो गई है.

यह भी पढ़ें- इस देश में रहते हैं सिर्फ सत्ताईस लोग

क्या है बीमारी

इन बच्चों के साथ समस्या यह है कि यह बच्चे सूरज डूबने के बाद बेजान पड़ जाते हैं और इनके शरीर में एनर्जी नहीं रहती. पाकिस्तान में रहने वाले तीन भाई शोएब, राशिद और इल्यास क्वेटा से 15 किमी. दूर मियानकुंद गांव में रहते हैं.

पूरा दिन रहते हैं एनर्जी से भरपूर

सारा दिन ये तीनों भाई खूब एनर्जी के साथ खेल-कूद करते हैं और घूमते हैं लेकिन शाम होते ही इनका जिस्म बेजान हो जाता है और इनके लिए अपने पैरों पर खड़ा होना भी मुश्किल हो जाता है.

एक नज़र इस पर भी-यह है तिलिस्मी पेड़, इसमें लगते है 40 किस्म के फल

क्या कहना है डॉक्टर्स का

इनके घर वालों ने इनका काफी इलाज भी करवाया लेकिन डॉक्टर भी इनके पैरालाइज्ड होने का कारण नहीं जान पाए. आखिरकार इन बच्चों को इस्लामाबाद के इंस्टीट्यूट ऑफ मैडिकल साइंसेज में भर्ती करवाया गया जहां डॉक्टर अकरम ने कहा कि यह बहुत ही दुर्लभ स्थिति है.

डॉक्टर के मुताबिक इन बच्चों का शरीर सूरज उगने और डूबने के हिसाब से ही काम करता है. इन बच्चों को जन्म से ही मैसथेनिया सिंड्रोम की बीमारी है. इस बीमारी के दुनिया में अब तक सिर्फ 600 केस ही सामने आए हैं और इस बीमारी का कोई इलाज भी नहीं है.

इसे भी पढ़ें- क्यों है थर्टी इयर्स वॉर यूरोपीय इतिहास का सबसे बड़ा युद्ध

मीडिया ने दिया सोलर किड्स नाम

पाकिस्तान मीडिया ने इन बच्चों को सोलर किड्स का नाम दिया है क्योंकि ये सिर्फ सूरज की रोशनी में ही काम करते हैं. हालांकि इनके और भी 3 भाई-बहन हैं जो सामान्य बच्चों की तरह ही है.

 

 

 

Leave a Reply